Indian Geography – Passes In India

Indian Geography – Passes In India

भारत के मुख्य दर्रे

जम्मू-कश्मीर

  1. अघील: यह कराकोरम में स्थित भारत की सबसे ऊंची चोटी K2 के उत्तर में स्थित है और भारत के लद्दाख को चीन के एक्सिन्जियांग (सिकियांग) प्रांत से मिलाता है
  2. बनिहाल: यह पीर पंजाल पर्वत श्रंखला में 2832 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है यहां शीत ऋतु में हिमपात होता है जिस कारण यह आवागमन के लिए उपयुक्त नहीं रहता। यहां वर्ष पर आवागमन के लिए एक सुरंग बनाई गई थी, जिसका नाम देश के प्रथम प्रधानमंत्री पण्डित जवाहरलाल नेहरू के नाम पर जवाहरलाल सुरंग रखा गया।

 

 

 

  1. बारालाचा : यह जम्मू- कश्मीर में लगभग 5045 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है इसमें से बहुत ऊंचा मनाली से लेह सड़क मार्ग गुजरता है
  2. चांग ला : लगभग 5270 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह दर्रा लद्दाख को तिब्बत से मिलाता है यहां पर चांगला बाबा का मंदिर है जिसके नाम पर इस दर्रे का नामकरण किया गया है

 

  1. खूजराव : यह कराकोरम पर्वत श्रंखला में लद्दाख को चीन के सिक्यांग प्रांत से मिलाता है

 

  1. लानक ला : यह जम्मू- कश्मीर के चीन अधिकृत अक्साई चीन इलाके में स्थित है और लद्दाख तथा तिब्बत की राजधानी लासा के बीच संपर्क स्थापित करता है
  2. पीर पंजाल : यह दर्रा पीर पंजाल पर्वत में है और मुगल राजमार्ग पर जम्मू से श्रीनगर जाने का परंपरागत मार्ग है परंतु देश के विभाजन के बाद इसे बंद कर दिया गया।

RIVERS OF MADHYA PRADESH THEIR ORIGIN AND MERGE

 

  1. खारदुंग : यह जम्मू-कश्मीर के कराकोरम पर्वत में 6000 मीटर से भी अधिक ऊंचाई पर स्थित है इस दर्रे में से भारत की सबसे ऊंची सड़क गुजरती है

 

  1. थांग ला : यह जम्मू- कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में 5359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है इस दर्रे में से खारदुंग के बाद दूसरी सबसे ऊंची सड़क गुजरती है

 

  1. इमिस ला : लगभग 4500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह दर्रा लद्दाख को तिब्बत से मिलाता है
  2. पेन्सी ला : यह महान हिमालय में 5000 मीटर से अधिक ऊंचाई पर जोजी ला के पूर्व में स्थित है यह कश्मीर घाटी को कारगिल से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है
  3. जोजी ला : लगभग 3850 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह दर्रा श्रीनगर तथा कार्गिल एवं लेह के बीच सम्पर्क स्थापित करने में सहायता देता है इसके सामरिक महत्व को देखते हुए श्रीनगर से जोजी ला सड़क को राष्ट्रीय महामार्ग NH-ID घोषित किया गया है

 

हिमाचल प्रदेश

  1. देबसा : यह हिमाचल प्रदेश के महान हिमालय में कुल्लू एवं स्पीती के बीच स्थित है इससे कुल्लू तथा स्पीती के बीच छोटे मार्ग का निर्माण हो गया है

 

  1. रोहतांग : लगभग 3970 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह दर्रा हिमाचल प्रदेश की लाहौल एवं स्पीती घाटियों के बीच संपर्क स्थापित करता है border road Organisation (BRO) ने इस दर्रे में महत्वपूर्ण सड़क का निर्माण किया है जिस पर सेना तथा आम जनता के वाहनों की भीड़ लगी रहती है यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है

 

  1. शिपकी ला : यह झेलम महाखडड पर 6000 मीटर से भी अधिक ऊंचाई पर स्थित है और हिमाचल प्रदेश को तिब्बत से मिलाता है

उत्तराखंड

  1. लीपु लेख : उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित यह दर्रा उत्तराखंड को तिब्बत से मिलाता है विश्व की सबसे कठिन पवित्र मानसरोवर की यात्रा करने वाले तीर्थयात्री इसी दर्रे से होकर जाते हैं

 

  1. माना : यह उत्तराखंड के महान् हिमालय में हिन्दुओं के पवित्र धार्मिक स्थल बद्रीनाथ के मंदिर से कुछ ही दूर स्थित है और उत्तराखंड को तिब्बत से मिलाता है

 

  1. मंगसा धुरा : यह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में लगभग 5000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है मानसरोवर के लिए जाने वाले तीर्थ यात्री इस दर्रे का भी प्रयोग करते हैं

 

  1. निती : यह भी उत्तराखंड को तिब्बत से मिलाता है यह नवंबर से मई तक बंद रहता है

List of Indian Cities on River Banks

  1. मुलिंग ला : यह गंगोत्री के उत्तर में स्थित है और उत्तराखंड को तिब्बत से जोड़ता है भारी हिमपात के कारण यह शीत ऋतु में बंद रहता है

 

सिक्किम

  1. नाथू ला : यह भारत-चीन सीमा पर लगभग 4310 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है यह प्राचीन सिल्क मार्ग की प्रशाखा का अंग था और यहां से भारत और चीन के बीच व्यापारिक संबंध थे 1962 में चीन द्वारा भारत पर आक्रमण के बाद इसे बंद कर दिया गया था। परंतु 44 वर्ष बाद सद्भावना के प्रतीक के रूप में 2006 में इसे फिर खोल दिया गया इस दर्रे से कैलाश मानसरोवर के तीर्थ यात्रियों के लिए 2015 में एक अन्य मार्ग खोला गया है

 

  1. जेलेप ला : यह सिक्किम- भूटान सीमा पर 4538 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और चुम्बी घाटी द्वारा सिक्किम का लासा (तिब्बत) से संपर्क स्थापित करता है

 

अरुणाचल प्रदेश

  1. बोमडी ला : यह अरुणाचल प्रदेश का लासा से संपर्क कराता है यह भूटान के पूर्व तथा भारत-चीन सीमा के थोड़ा सा दक्षिण में महान हिमालय में स्थित है
  2. दिहांग : यह अरुणाचल प्रदेश को म्यामार के मांडले से मिलाता है यह अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी भाग में स्थित है

 

    3. दिफ़ू : यह भी इस राज्य के पूर्वी भाग में स्थित है और म्यामार के मांडले को छोटा मार्ग उपलब्ध कराता है यह भारत तथा म्यामार के बीच परंपरागत मार्ग है और इस पर ऋतु का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। अतः यह सारा साल यातायात के लिए खुला रहता है

 

  1. लिखापानी : यह भी अरुणाचल प्रदेश का संपर्क मांडले से कराता है और सारा साल खुला रहता है

 

  1. यांगसान : लगभग 4000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह दर्रा अरुणाचल प्रदेश तथा म्यामार के मांडले में संपर्क स्थापित करता है

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